कविताओं, कहानियों व चित्रों का विशेषांक

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कविताओं, कहानियों व चित्रों का विशेषांक : लोकसंहिता टीवी 

आया हरेला

रिमझिम फुहार,
गाए मल्हार।
जीवन में देखो,
आनंद छाया।
यह देखो हरेला पर्व आया।।

सज रहें हैं थाल,
नव-सृजित वृक्षों का कर श्रृंगार।
नव-उल्लास जीवन में आया,
वह देखो हरेला पर्व आया।।

थाल मेरी,कुदाल तेरी,
पौध रोपण में करो न देरी।
हर ओर देखो बड़ा हर्ष छाया,
यह देखो हरेला पर्व आया।।

धरती की गोदी में,
खिलेंगे,बढ़ेंगे,
जीवों के जीवन में आशा भरेंगे।
भर के लाएंगे जल की धारा।
वह देखो हरेला पर्व आया।।।

श्रीमती संतोष बलूनी
प्रधानाध्यापिका(सम्पर्क सूत्र 9411352996)
राजकीय प्राथमिक विद्यालय -तमलाग
ब्लाक-पौड़ी
पौड़ी गढ़वाल

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