कोटद्वार : विधवा महिला के कागज फाड़ने की घटना से पार्षद नाराज, कार्यालय का किया घेराव

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लोक संहिता डेस्क

कोटद्वार : नगर निगम में नयी नवेली आयी सहायक नगर आयुक्त अंकिता जोशी के द्वारा एक विधवा महिला के जरूरी कागज फाड़े जाने की घटना का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सहायक नगर आयुक्त अंकिता जोशी के द्वारा विधवा महिला के जरूरी कागज फाडे जाने व दुव्र्यहार से नाराज होकर नगर निगम के पार्षदों ने नगर निगम कार्यालय का घेराव करते हुए अंकिता जोशी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। पार्षदों ने उपजिलाधिकारी को भी ज्ञापन सौंपते हुए सहायक नगर आयुक्त के अन्यत्र स्थानांतरण की मांग की है।

गौरतलब है कि विगत सोमवार को बीईएल रोड़ निवासी श्रीमती सुषमा देवी अपनी बेटी के शादी से सम्बधित कागजो को सत्यापित करवाने के लिए सहायक नगर आयुक्त अंकिता जोशी के कार्यालय में गयी, जहां पर उक्त महिला ने सहायक नगर आयुक्त से बेटी के शादी के कागजों को सत्यापित करने की गुहार लगायी, लेकिन सहायक नगर आयुक्त ने आगबबूला होकर उल्टा उक्त कागजों को सत्यापित करने की बजाय फाड़कर रद्दी की टोकरी में फेंक दिया। जिसके बाद पीड़ित महिला ने रोना शुरू कर दिया तथा सहायक नगर आयुक्त अंकिता जोशी की शिकायत उपजिलाधिकारी से कर दी।

उपजिलाकारी ने भी किसी प्रकार से मामले को शांत किया। लेकिन मंगलवार को उक्त घटना को तूल देते हुए नगर निगम के पार्षदों ने नगर निगम कार्यालय का घेराव करते हुए सहायक नगर आयुक्त के द्वारा विधवा महिला से किये गये दुव्र्यवहार को दुर्भाग्यपूर्ण घटना बताया, पार्षदों ने कहा कि यदि नगर आयुक्त के द्वारा उक्त विधवा महिला के कागजो को सत्यापित नहीं करना था तो काई बात नहीं थी, लेकिन एक अधिकारी के द्वारा पीड़ित महिला के कागजों को फाड़ना ठीक नहीं है। 

वहीं, कोटद्वार नगर निगम की महापौर श्रीमती हेमलता नेगी ने सहायक नगर आयुक्त अंकिता जोशी के द्वारा एक महिला के कागज फाड़े जाने की घटना पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। महापौर हेमलता नेगी ने प्रेस को जारी विज्ञप्ति में कहा कि समस्त नगर निगम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों सहित जनप्रतिनिधियों को अपने कार्यव्यवहार में बदलाव लाये की जरूरत है, कहा कि नगर निगम एक पब्लिक डीलिंग वाला कार्यालय है, जहां पर कई प्रकार के पीडित एवं परेशान लोग अपनी समस्याओं को लेकर आते हैं, अधिकारियों का काम लोगों की समस्याओं का समाधान करना है न कि उनकी भावनाओं का अनादर करना।
 
महापौर ने कहा कि  सहायक नगर आयुक्त को अपनी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को समझते हुए नगर निगम में फरियाद लेकर आने वाले लोगों को बेहतर मार्गदर्शन करने एवं उनकी समस्याओं का हर हाल में समाधान करने का भरसक प्रयास करना चाहिए। महापौर ने  कहा कि अधिकारी स्तर पर इस प्रकार की घटनाऐं विवादों को जन्म देती है, जिसमें अनाश्वयक रूप से बात का बतंगड बन जाता है। 

उपजिलाधिकारी योगेश मेहरा ने कहा कि पार्षदों के द्वारा सौंपे ज्ञापन को शहरी विकास मंत्रालय को प्रेषित कर दिया गया है। धरना प्रदर्शन करने वालों में पार्षद सौरभ नौडियाल, गायत्री भट्ट, ऋतु चमोली, कमल नेगी, जयदीप नौटियाल, नीरूबाला खंतवाल, लीला कर्णवाल, बीना देवी, वितेता रावत, सोनिया नेगी, अमित नेगी, अनिल नेगी, आशा चौहान, गिंदी दास सहित कई पार्षद मौजूद थे। 

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